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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जारी किया ईरान की तबाही का आंकड़ा, 12 दिन में 6000 टारगेट और 90 जहाज किए ध्वस्त

Written By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia Published : Mar 12, 2026 10:54 pm IST, Updated : Mar 12, 2026 11:06 pm IST

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन फ्यूरी के तहत तेहरान को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। अमेरिकी सेंटकॉम ने 12 दिनों में ईरान में 6000 टारगेट को नष्ट करने का दावा किया है।

अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया ऑपरेशन एपिक फ्यूरी।- India TV Hindi
Image Source : X@CENTCOM अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया ऑपरेशन एपिक फ्यूरी।

वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान पर शुरू किए गए हमले में 12 दिनों में 6000 से ज्यादा टारगेट और 90 जहाजों को ध्वस्त करने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' का ताजा अपडेट जारी किया। राष्ट्रपति ट्र्ंप के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार हमले किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य उन स्थानों पर हमला करना है जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।

अमेरिका ने स्टील्थ बॉम्बरों का किया इस्तेमाल

ईरान पर  'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत किए जा रहे हमले में अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक माने जाने वाले स्टील्थ बॉम्बरों का भी इस्तेमाल किया है। CENTCOM के डेटा के अनुसार यह ऑपरेशन 28 फरवरी को अमेरिकी समयानुसार रात 1:15 बजे शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक 12 दिनों में लगभग 6000 लक्ष्यों को निशाना बनाया गया है। इस दौरान ईरानी नौसेना के 90 से अधिक जहाजों को क्षतिग्रस्त या नष्ट करने का दावा किया है। इनमें 60 से ज्यादा सामान्य जहाज और 30 से अधिक माइनलेयर शामिल हैं। ईरान के सुरक्षा तंत्र पर ये हमले अभियान के 13वें दिन जारी हैं और अमेरिकी सेना ने इसमें अत्याधुनिक हथियारों व प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल किया है। 

अभियान में इस्तेमाल किए गए प्रमुख अमेरिकी एसेट्स में B-1, B-2 स्टेल्थ और B-52 बॉम्बर्स, LUCAS ड्रोन, MQ-9 रीपर, F-15, F-16, F-18, F-22 तथा F-35 फाइटर जेट्स, A-10 अटैक जेट्स, EA-18G इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट, E-2D हॉकी, THAAD और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, U-2 ड्रैगन लेडी, P-8 मैरीटाइम पैट्रोल एयरक्राफ्ट , RC-135 रिकोनैसेंस एयरक्राफ्ट, न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर्स, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं। 

ये थे अमेरिका के मुख्य टारगेट

CENTCOM के अनुसार अमेरिका के निशाने पर रखे गए लक्ष्यों में ईरान का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय भवन, IRGC इंटेलिजेंस साइट्स, एकीकृत एयर डिफेंस सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, ईरानी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां, एंटी-शिप मिसाइल साइट्स, मिलिट्री कम्युनिकेशन सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, हथियार उत्पादन सुविधाएं, सरफेस-टू-एयर मिसाइल फैसिलिटीज तथा माइनलेइंग जहाजों के कारखाने और गोदाम शामिल हैं।

ईरान के सुरक्षा तंत्र को तबाह करना एपिक फ्यूरी का मकसद

CENTCOM ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद ईरान के सुरक्षा तंत्र को कमजोर करना है। इसके माध्यम से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, एयर डिफेंस और नौसैनिक ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। अमेरिकी सेना ने अपने सभी आधुनिक प्लेटफॉर्मों का पूरा उपयोग कर लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाया। सेंटकाम की ओर से यह अपडेट ऐसे समय जारी किया गया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। CENTCOM ने कहा कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की ओर से किसी भी प्रकार का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। अभियान की सफलता को लेकर अमेरिकी सेना आश्वस्त है और आगे भी नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे।

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